आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज है। इस संकट के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर में पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक की और दिखाया कि पार्टी अभी भी एकजुट है।
...तो समंदर नहीं सूखता: सीएम मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जोर देकर कहा कि पांच-सात लोगों के दल-बदल से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ता। सांसदों के जाने पर सीएम भगवंत मान ने कहा कि अगर समंदर से कुछ बूंदें निकल जाएं, तो समंदर नहीं सूखता। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं से बनी है। मान ने कार्यकर्ताओं से कहा, "हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हमारी ट्रेनिंग बहुत मजबूत हुई है और हम ऐसी मुश्किलों से डरने वाले नहीं हैं।"
1 मई को विधानसभा सत्र के बाद मुख्यमंत्री खुद हर शाम गांवों में जाएंगे और लोगों से सीधे बात करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को अपनी मातृभाषा 'पंजाबी' लिखवाने के लिए प्रेरित करें। ब्लॉक लेवल के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे सरकार के अच्छे कामों को घर-घर तक पहुंचाएं।
क्या था मामला?
बता दें कि 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसके 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 - राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए। उनका आरोप था कि पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है। आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले 7 सांसदों में से 6 पंजाब से थे।
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